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शनिवार, 30 मई 2015

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की चम्बल यात्रा , जाते जाते भव्य व आलीशान राजनीति करने का जलजला बिखेर नया इतिहास रच गये , सिखा गये नेताओं को कि चंबल में राजनीति कैसे की जाती है

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की चम्बल यात्रा , जाते जाते भव्य व आलीशान राजनीति करने का जलजला बिखेर नया इतिहास रच गये , सिखा गये नेताओं को कि चंबल में राजनीति कैसे की जाती है
• चम्बल में भव्य स्वागत के साथ सारे विधायक , सारे नेताओं सहित करीब तीन चार लाख लाग उमड़े नरेन्द्र सिंह तोमर के स्वागत में * मुरैना सांसद को नहीं खोज पाये केन्द्रीय मंत्री भी , लापता व गुमशुदा ही रहे मुरैना सांसद
• तोमरघार क्षेत्र में जाकर अहसास दिला गये नेताओं को , सरकार को, अनाथ मत समझ लेना तोमरघार को , मैं यहीं का बेटा हूँ, लहू का एक एक कतरा इसी भूमि पर गिरेगा मेरा
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’
ग्वालियर टाइम्स www.gwaliortimes.in

भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने एकदम अचानक चम्बल की धरती पर न केवल कदम धर दिया बल्कि् पूरी तरह से राजनीतिक व प्रशासनिक तौर पर अनाथ और अस्पृश्य एवं नजरअंदाज घोषि‍त कर दी गई तोमरघार बेल्ट में ही जाकर न केवल तमाम कार्यक्रम संपादित कर डाले , बल्किई यह भी कह गये कि , मैं इसी धरती का बेटा हूँ , कोई भूल से इसे अनाथ व नेतृत्व विहीन या अकेला समझने की भूल न करे , मेरे लहू का एक एक कतरा इसी तोमरघार की माटी से बना है , इसी पर गिरेगा ।
चम्बल की धरती पर किये गये जितने भी मेरे वायदे हैं या रूके हुये प्रोजेक्ट हैं या चम्बल के लोग जिस काम की भी कहेंगें या जिस काम को भी करवाना चाहेंगें , मैं बैठा हूँ , एक चिठ्ठी या एक खबर भी मुझे मिली , वही काम यहॉं हर हाल में अवश्य किया जायेगा और पूर्ण किया जायेगा ।
चम्बल की श्योपुर से लेकर ऐन पूरी तोमरघार गोरमी से मुरैना तक और भि‍ण्ड क्षेत्र की जनता के साथ सभी के सभी भाजपा विधायक और सारे भाजपा पदाधि‍कारीयों , नेताओं ने जहॉं पूरा मुरैना शहर और पूरी चम्बल नरेन्द्र सिंह तोमर के बैनरों और होडिंगों से पाट दी, तो पूरी चम्बल में ‘’नरेन्द्र सिंह तोमर जिंदाबाद’’ और देश का नेता कैसा हो ‘’ नरेन्द्र सिंह तोमर जैसा हो’’ के नारों से शहर मुरैना सहित जयकारों का गुजायमान कर दिया ।
जहॉं समूची भाजपा नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ एकजुट खड़ी नजर आई तो वहीं , केन्द्रीय मंत्री का पूरा ध्यान तोमरघार और मुरैना जिला पंचायत व मुरैना नगर निगम पर केन्द्रियत रहा ।
तोमर की चंबल यात्रा में हाशीये पर फेंकें गये लोग और विशेषकर राजपूत , गुर्जर, वैश्य, किरार सब के सब इकतारे के सुर में पहली दफा बरसों बाद एक सूत्र में बंधे नजर आये । क्या कहते हैं अखबार चम्बल के – लीजिये पढि़ये
विधायकों की जम कर तारीफ और – ग्वालियर मुरैना दोनों जगह के सांसद मुझे ही माने जनता और दोनों जगह के विकास की ली जिम्मेवारी
उपेक्षि‍त व नजरअंदाज एवं नाराज चल रहे लोगों ने दिखा दी जोश और ताकत , रच दिया एकता व भव्यता व आलीशानता का चम्बल की धरती पर इतिहास , पूरी चम्बल में मुरैना सांसद का न एक भी चित्र , न होडिंग , न बैनर , न नाम न पोस्टर, न विज्ञापन और न कहीं सूरत नजर आई । अलबत्ता मुरैना सांसद की बचे खुचे अस्तिरत्व को भी पूरी तरह समाप्त कर गये नरेन्द्र सिंह तोमर
उपेक्षित तोमरघार से लेकर ऐन श्योपुर तक गूंज गया आसमान , पूरे संसदीय क्षेत्र में केवल ‘’नरेन्द्र सिंह तोमर जिन्दाबाद’’ के सिवा कुछ सुनाई ही नहीं दिया , मंत्री के चित्रों होर्डिंगों बैनरों पोस्टरों से सज कर दुल्हन बनी चंबल बेशक नजारा ऐतिहासिक और आगाज बहुत जबरदस्त दमदार था


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