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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद झल्लाये बिजली कंपनी के कर्मचारी,मुरैना की बिजली सप्लाई ठप्प की

 ग्वालियर टाइम्स , उल्लेखनीय है कि म प्र के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में कहा था कि उपभोक्ताओं को आकलित खपत के बिल नहीं दें और बड़े बकायादारों से सख्ती से बिल वसूलें , इसके बाद मुरैना बिजली कंपनी के कर्मी इस खबर के प्रकाशित होते ही बुरी तरह से बौखला गये और अचानक दो नंबर की मोटी कमाई हाथ से निकलते देख आज 9 बजकर 53 मिनिट पर ही मुरैना जिले की बिजली शट डाउन कर दी । 

इस खबर के प्रकाशित किये जाने के वक्त तक मुरैना की बिजली गोल है, हालात ये हैं कि इंजीनियर्स तक ऊर्जा मंत्री के इस निर्देश के बाद बुरी तरह से बिलबिलाये और बौखलाये हुये हैं , जो न तो कभी किसी को इतिहास में मीटर से बिल कभी देते ही नहीं थे, खराब मीटर कभी बदलते ही नहीं थे, आकलित खपत के नाम पर भ्रष्टाचार और अंधेरगर्दी कर लूट मचा रहे और उपभोक्ताओं से बिजली चुरा कर रिश्वत देने वालों को लाखों रू की हजारों का बिल देकर बिजली दे रहे , बिजली मगरमच्छों पर तो एकदम वज्रपात सा हुआ है । 

रूबरू - जनता की आवाज - एक फिल्म

 


सात लोग लापरवाह मिले, सातों को कलेक्टर ने दिये नोटिस

 ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवायें न देने वाले आधा दर्जन अधिकारियों को नोटिस दिये

नगर निगम ग्वालियर ने किये जुर्माने तय ,थूकने पर सौ रूपया , मूतने पर 200 रूपया जुर्माना और जानिये कि बिल्डिंग मटेरियल सड़क पर डाला तो .....

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना 

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना


मेले में आने वाले सैलानियों को प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ लाभ भी उपलब्ध कराया जायेगा मेले में सभी विभाग शीघ्रता से अपनी प्रदर्शनी स्थापित करें – सीईओ कान्याल

ग्वालियर के ऐतिहासिक मेले में आने वाले सैलानियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनका लाभ भी दिलाया जायेगा। मेले में 24 से अधिक शासकीय कार्यालयों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रदर्शनी लगाने के साथ ही सैलानियों को योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जायेगा। सीईओ जिला पंचायत श्री किशोर कान्याल की अध्यक्षता में बुधवार को ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी के संबंध में बैठक में यह तय किया गया है।
    प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कोविड गाइडलाइन का पालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। मेले में आने वाले प्रत्येक सैलानी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। इसके साथ ही सभी लोगों को मेले में भ्रमण के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य किया जायेगा। मेले में लगने वाली प्रदर्शनियों को तत्काल लगाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है। बैठक में जिन विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग की प्रदर्शनी लगाने की सहमति प्रदान की गई है उनमें जनसंपर्क, स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास, उद्योग, कृषि, नगर निगम, ग्वालियर विकास प्राधिकरण, स्मार्ट सिटी, आदिम जाति कल्याण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि शामिल हैं।
    सीईओ जिला पंचायत श्री कान्याल ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से कहा है कि एक जिला एक उत्पाद पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी मेले में किया जायेगा। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर में किए जा रहे विकास कार्यों को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया जायेगा। इसके साथ ही शासन की योजनाओं से संबंधित प्रचार साहित्य का वितरण भी प्रदर्शनी में किया जायेगा।
    नगर निगम के माध्यम से मेले में आयोजित प्रदर्शनी में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत ग्वालियर शहर में किए जा रहे विशेष प्रयासों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ आम लोगों को भी स्वच्छता के कार्य में सहभागी बनने के लिये जागरूक किया जायेगा। इसी प्रकार स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर में किए जा रहे कार्यों को भी आम जनों के सामने प्रदर्शित करने का कार्य किया जायेगा।
    बैठक में मेला सचिव श्री निरंजन श्रीवास्तव, अपर संचालक जनसंपर्क श्री जी एस मौर्य, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री राजीव सिंह, उपसंचालक कृषि श्री आनंद बड़ोनिया सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

रिलायंस ने दिए मेला प्राधिकरण को 2 हजार मास्क

    बैठक में रिलायंस ग्रुप की ओर से कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये जन सहयोग के रूप में 2 हजार मास्क मेला प्राधिकरण को प्रदत्त किए हैं। मेला प्राधिकरण द्वारा मेला अवधि में आने वाले सैलानियों में से जिनके पास मास्क उपलब्ध न होगा उन्हें मास्क उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की जायेगी। सीईओ जिला पंचायत श्री किशोर कान्याल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे मेला अवधि में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु अपना एक स्टॉल मय दल के साथ स्थापित करें 

गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या नहीं रहना चाहिए कलेक्टर सिंह ने सीईओ जिला पंचायत के साथ किया ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण

गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या नहीं होना चाहिए। इसके लिये स्थापित सभी हैंडपम्प ठीक रहें और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ आवश्यकता है वहाँ नल-जल योजनायें चालू की जाएं। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बुधवार को डबरा विकासखण्ड के ग्राम महाराजपुरा एवं छीमक के भ्रमण के समय यह निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किशोर कान्याल, एसडीएम डबरा श्री प्रदीप कुमार शर्मा एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
    कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने महाराजपुरा ग्राम पहुँचकर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में जन सहयोग से फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल के आस-पास साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्कूल के दोनों ओर शाइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने ग्रामीणों से चर्चा की और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पूछताछ की। एसडीएम श्री प्रदीप कुमार शर्मा को निर्देश दिए गए कि शासन द्वारा आदिवासी महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए पोषण आहार हेतु दिए जाने की योजना का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिन लोगों को भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है उन्हें तत्परता से लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाए।

    कलेक्टर ने इसके पश्चात ग्राम छीमक का निरीक्षण किया। गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु आवास निर्माण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम में स्थापित तीन हैंडपम्प जो चालू हालत में नहीं हैं उन्हें तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गाँव में नल-जल योजना का कार्य भी करने को कहा गया। कलेक्टर ने जिन लोगों को नवीन खाद्यान्न पर्ची नहीं मिली है उन्हें पात्रता अनुसार पर्ची वितरण कराने को कहा। इसके साथ ही ग्राम के ट्रांसफार्मर को भी बदलवाने के लिये विद्युत मण्डल से संपर्क कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। 


शासकीय भूमियों के विक्रय हेतु स्थल भ्रमण एवं प्री-बिड बैठक आज इच्छुक व्यक्ति भ्रमण एवं बैठक में शामिल हों

 मध्यप्रदेश शासन द्वारा लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन के तहत ग्वालियर सिटी सेंटर स्थित तीन परिसम्पत्तियों को विक्रय करने हेतु 25 फरवरी को स्थल भ्रमण एवं प्री-ब्रिड बैठक का आयोजन किया गया है।

    अपर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के अनुसार राज्य शासन द्वारा ग्वालियर में अलकानगर ग्राम मेहरा, डोंगरपुर सिरोल तिराहा तथा कोस्मो आनंदा सिरोल की सम्पत्ति के विक्रय हेतु स्थल भ्रमण एवं शाम 4 बजे से 6 बजे तक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में प्री-बिड बैठक का आयोजन रखा गया है। उक्त भूमियों को क्रय करने के इच्छुक राजस्व विभाग के दल के साथ 25 फरवरी को दोपहर 12 से 1.30 बजे तक अलकानगर ग्राम मेहरा, दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक डोंगरपुर सिरोल तिराहा तथा दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक कोस्मो आनंदा सिरोल का स्थल निरीक्षण कर सकते हैं। स्थल निरीक्षण के पश्चात प्री-बिड बैठक में शामिल हो सकते हैं।
    अपर कलेक्टर श्री तिवारी ने बताया कि स्थल भ्रमण के समय प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं राजस्व विभाग की टीम शामिल रहेगी। प्री-बिड बैठक में भूमि क्रय करने वालों से चर्चा उपरांत निर्णय लिया जायेगा। उक्त भूमियों को क्रय करने के इच्छुक व्यक्ति 25 फरवरी को निर्धारित समय पर स्थल निरीक्षण और प्री-बिड बैठक में शामिल हो सकते हैं। स्थल भ्रमण एवं प्री-बिड बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये तहसीलदार सिटी सेंटर श्री कुलदीप दुबे से मोबा. 8964973309 पर संपर्क किया जा सकता है।

सहरिया परिवार की वरिष्ठ महिला को मिलता है हर माह एक हजार रूपए आहार अनुदान शेष सहरिया परिवारों से पंजीयन कराने की अपील

 जिले में निवासरत जिन सहरिया परिवारों की वरिष्ठ महिला अभी तक मुख्यमंत्री आहार अनुदान योजना से नहीं जुड़ीं हैं, उन सभी को अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत नगरीय निकाय में संपर्क करने का आग्रह किया गया है। साथ ही जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के सहरिया परिवारों की वरिष्ठ महिलाओं को इस योजना का लाभ दिलवाएँ।

    ज्ञात हो प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों में शुमार सहरिया जनजाति परिवार की वरिष्ठ महिला मुखिया को मुख्यमंत्री आहार अनुदान योजना के तहत हर माह एक हजार रूपए आहार अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को कुपोषण मुक्त करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
    योजना के तहत सहरिया परिवारों को कुपोषण से मुक्त करने के लिये परिवार की वरिष्ठ महिला मुखिया को प्रतिमाह एक हजार रूपए आहार अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिये सहरिया परिवार मध्यप्रदेश का मूलनिवासी हो, परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में न हो एवं आयकरदाता न हो। महिला सदस्य का आधार लिंक खाता, परिवार की समग्र आईडी/सदस्य आईडी, (हितग्राही का MPTAAS पर प्रोफाइल पंजीयन) होना अनिवार्य है।
    सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री एच बी शर्मा ने बताया कि जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आहार अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों के लिए लॉगिन आईडी पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है। माह जुलाई 2020 से संबंधित क्षेत्र की लॉगइन आईडी पर जानकारी दर्ज कर हितग्राहियों को आहार अनुदान का भुगतान MPTAAS के द्वारा किया जा रहा है। इसके लिये हितग्राही संबंधित जनपद पंचायत घाटीगाँव, डबरा, मुरार, भितरवार एवं आयुक्त नगर निगम ग्वालियर, नगर परिषद डबरा, भितरवार, पिछोर में संपर्क कर सकते हैं।

अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय का स्थान परिवर्तन

 अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा ग्वालियर-चंबल संभाग के कार्यालय का स्थान परिवर्तित हो गया है। अब यह कार्यालय कस्तूरबा चौराहा कम्पू के समीप संचालित होगा। पहले यह कार्यालय मोतीमहल में संचालित था।

शिल्प बाजार में आज से मृगनयनी हस्तशिल्प मेला आकर्षक परिधानों सहित एक से बढ़कर एक हस्तशिल्प कलाकृतियाँ सजी हैं मेले में

 कैलाशवासी स्व माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला परिसर स्थित दस्तकारी हाट शिल्प बाजार प्रांगण में 25 फरवरी से “मृगनयनी हस्तशिल्प मेला” शुरू होगा। यह हस्तशिल्प मेला 8 मार्च तक चलेगा। संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के मृगनयनी एम्पोरियम सराफा बाजार द्वारा यह मेला लगाया जा रहा है। हस्तशिल्प मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक सैलानियों के लिये खुला रहेगा। शिल्प मेले में सुप्रसिद्ध चंदेरी व महेश्वरी साड़ियों से लेकर अन्य परिधान और आकर्षक हस्तशिल्प कलाकृतियां खरीदी के लिये उपलब्ध रहेंगीं।  

    हस्तशिल्प मेले में मध्यप्रदेश के शिल्पी एवं बुनकर एक से एक बढ़कर हस्तशिल्प उत्पाद लेकर आए हैं। मृगनयनी एम्पोरियम के प्रभारी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक हस्तशिल्प मेले में चंदेरी, महेश्वरी, कोसा, मलवरी, शिफोन, बाग, बाटिक व डाबू साड़ियाँ प्रदर्शित की गई हैं। साथ ही सूट, बेडकवर, ड्रेस मटेरियल, दुपट्टा, स्टॉल, जैकेट्स, कुर्ता-पजामा, लैदर व पत्थर शिल्प उत्पाद, केन, फर्नीचर, जूट, पेपरमेशी कलाकृतियां, ज्वैलरी, लेकर वेयर व दरी इत्यादि शिल्प कलायें ग्राहकों के लिये उपलब्ध हैं।

अगर चाहते हैं प्राइवेटाइजेशन रोकना, तो भूल कर भी आकलित खपत के नाम पर किसी को नहीं दें बिजली का बिल, पहले बड़े बकायादारों से करें बिजली बिल की वसूली - ऊर्जा मंत्री तोमर

 विद्युत वितरण कम्पनी की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये जरूरी है कि बिजली बिलों की वसूली में विशेष ध्यान दिया जाए। पहले बड़े बकायादारों से बिजली बिल की वसूली करें। जिस क्षेत्र में सामूहिक रूप से बिजली की चोरी की जा रही है, वहाँ के जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर बिजली सप्लाई रोकने के संबंध में भी विचार करें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान दिये।

उतने ही मीटर खरीदें, जितने लगाने की क्षमता हो

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बजट की उपलब्धता के आधार पर ही विद्युत सामग्री खरीदी की प्राथमिकता तय करें। सामग्री खरीदी की गाइडलाइन बनायें और इनका सख्ती से पालन भी करें। उतने ही मीटर खरीदें जायें, जितने लगाने की क्षमता हो। उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाये जाये, जिससे अधिक भार के कारण वह जले नहीं। जहाँ ओवरलोडिंग है, वहाँ तुरंत ट्रांसफार्मर बदले जाएँ।
    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ग्रुप मीटर समय पर नहीं सुधारने पर कम्पनी को जुर्माना लगाने के साथ ही संबंधित सहायक और जूनियर इंजीनियर के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि इसके नोडल ऑफिसर के विरूद्ध जाँच के बाद कार्यवाही होनी चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि ऐसी लापरवाही की पुनरावृति नहीं होना चाहिए। इस तरह का फार्मूला बनाया जाए कि सभी अधिकारियों को समान रूप से कार्य मिले।

निजीकरण रोकना है तो करें परिणाम मूलक कार्य

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों का निजीकरण रोकने के लिये जरूरी है कि हम सब मिलकर परिणाम मूलक कार्य करें। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और निष्ठापूर्वक उसका निर्वहन करें।

आकलित रीडिंग के आधार पर नहीं दे बिल

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शहरों में किसी को भी आकलित रीडिंग के आधार पर बिजली बिल नहीं दिये जाएँ। सही बिल दें और उसकी वसूली भी करें। स्मार्ट मीटर के रिजल्ट का आंकलन किया जाए। मीटर रीडर का रोस्टर निर्धारित कर इसका निरीक्षण भी करें। मेंटेंनेंस बेहतर तरीके से करें, जिससे ट्रिपिंग कम हों।
    बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय दुबे ने कहा कि ऊर्जा मंत्री द्वारादिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर सीएमडी श्री आकाश त्रिपाठी, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री अमित तोमर, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री विशेष गढ़पाले (वर्चुअली) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आईएफएमआईएस प्रणाली से सातवें वेतनमान के तहत वेतन निर्धारण के लिये शिविर जारी संभाग के सभी जिला मुख्यालयों पर 6 मार्च तक लगेंगे शिविर

 सातवे वेतनमान से संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिये ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर जिला मुख्यालयों पर 6 मार्च तक जारी रहेंगे। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने संभाग के सभी जिला कलेक्टर से कहा है कि वे अपने जिलों के समस्त विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को इन शिविरों के जरिए सातवें वेतनमान से संबंधित शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने के लिये निर्देशित करें।

    संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सातवें वेतनमान के तहत वेतन का निर्धारण आईएफएमआईएस प्रणाली के अंतर्गत ऑनलाइन जानकारी सबमिट कर कराया जा रहा है। आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से कहा गया है कि ऑनलाइन जानकारी सबमिट करने के पश्चात भौतिक रूप से सेवा पुस्तिका जिला कोषालयों में जमा कराएँ, जिससे संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय के दल द्वारा प्रकरणों का निराकरण किया जा सके। शिविर में ऐसे प्रकरण भी सबमिट करने को कहा गया है जो भौतिक रूप से अनुमोदित हो चुके हैं किंतु सिस्टम में नहीं दिख रहे हैं। इस आधार पर अनुमोदित सेवा पुस्तिका भी अवलोकन के लिये प्रस्तुत की जाए।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवायें न देने वाले आधा दर्जन अधिकारियों को नोटिस

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित आवेदक को सेवायें प्रदान करने के निर्देश कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों द्वारा समय-सीमा में सेवायें उपलब्ध नहीं कराई जायेंगीं, उनके खिलाफ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शास्ति अधिरोपित करने की कार्रवाई की जायेगी। इस कड़ी में उन्होंने आधा दर्जन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
        लोक सेवा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय राजस्व अधिकारी लश्कर श्री अनिल बनवारिया, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मुरार ग्रामीण श्री एच बी शर्मा, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मुरार श्रीमती पुष्पा पुषाम, तहसीलदार घाटीगांव श्री अनिल राघव, नायब तहसीलदार मुरार श्रीमती मधुलिका सिंह तोमर व नायब तहसीलदार घाटीगाँव श्री विश्राम सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी अधिकारियों से तीन दिन में कारण बताओ नोटिस के जवाब मांगे गए हैं। 

पानी में डूबने एवं सांप काटने से मृत व्यक्तियों के परिवार को 4-4 लाख की सहायता

 तिघरा जलाशय में डूबने से मृत गोलू करोसिया एवं सांप काटने से मृत मालती के परिवार को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ग्वालियर सिटी श्री प्रदीप सिंह तोमर ने यह सहायता मंजूर की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार गंजीवाला मोहल्ला कालीमाता मंदिर के पास लक्कड़खाना निवासी गोलू करोसिया की तिघरा डैम में डूबने से मृत्यु हो गई थी। उनके पिता मनोज करोसिया को राज्य शासन की ओर से 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। ग्राम जमाहर निवासी मालती को उनकी घर की छत पर ही सांप ने काट लिया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत मालती के पति श्री विजय सिंह को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है।

गेहूँ उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि आज

 रबी विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान अब 25 फरवरी तक ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन करा सकेंगे। पूर्व में पोर्टल पर पंजीयन की तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई थी। राज्य शासन द्वारा किसानो के हित में पोर्टल पर पंजीयन की तिथि में वृद्धि की गई है।

    संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण ने सभी संभागायुक्त कलेक्टर एवं आपूर्ति नियंत्रक को उक्त आदेश की प्रतिलिपि पृष्ठांकित कर किसानों का पंजीयन 25 फरवरी तक वृद्धि किये जाने से अवगत कराया है।

अरबी, फारसी और उर्दू कक्षाओं में एक वर्षीय प्रवेश प्रारंभ

 मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी संस्कृति परिषद की निगरानी में चल रहे कौमी कौंसिल बराए फरोगे उर्दू जबान, भारत सरकार के पाठ्यक्रम अरबी भाषा का एक वर्षीय प्रमाण-पत्र फारसी (परशियन) कोर्स और एक वर्षीय उर्दू डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश प्रारंभ हो गये हैं। अरबी, फारसी और उर्दू भाषा सीखने के इच्छुक इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते है। प्रवेश-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2021 नियत है। अरबी कोर्स में प्रवेश के लिये उर्दू की प्रारंभिक शिक्षा के अतिरिक्त उर्दू लिखने और समझने का ज्ञान भी आवश्यक है। फारसी कोर्स में प्रवेश के लिये उर्दू एवं अंग्रेजी लिखने और पढ़ने का ज्ञान आवश्यक है। उर्दू डिप्लोमा कोर्स में शैक्षणिक योग्यता की कोई शर्त नहीं है।

    तीनों पाठ्यक्रमों में आयु सीमा की बाध्यता नहीं है। प्रति कोर्स 200 रुपये पंजीयन शुल्क जमा होंगे। इसके अलावा अन्य कोई फीस नहीं ली जायेगी। कोर्स की किताबें नि:शुल्क मिलेंगी। प्रवेश सीमित हैं। प्रवेश-पत्र की छाया-प्रति स्वीकार नहीं की जायेगी। फार्म मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के कार्यालय, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, बाणगंगा रोड, भोपाल में कार्यालयीन समय में प्राप्त एवं जमा किये जा सकते हैं। अन्य जानकारी के लिये अकादमी के दूरभाष क्रमांक 0755-2551691 पर कार्यालयीन समय में सम्पर्क किया जा सकता है।

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